बाल संस्कार

बाल संस्कार

“बाल संस्कार ही उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।”

श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ (भारत) द्वारा प्रारंभ किया गया बाल संस्कार कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को नैतिकता, संस्कार, आचरण और मानवीय मूल्यों की ओर प्रेरित करने का एक पावन प्रयास है।

🎯 उद्देश्य

✅ बच्चों में सद्गुण, ईमानदारी और करुणा का विकास करना।

✅ उन्हें गुरु रविदास जी के आदर्शों – समानता, भाईचारा और सेवा भाव – से जोड़ना।

✅ शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति का समन्वय कराना।

✅ बच्चों को समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनाना।

🌸 कार्यक्रम की विशेषताएँ

✅ भजन, कीर्तन और प्रेरणादायक कहानियाँ के माध्यम से आध्यात्मिक शिक्षा।

✅ नैतिक शिक्षा व जीवन कौशल का विकास।

✅ सामाजिक एकता और मानवता पर आधारित गतिविधियाँ।

✅ गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के माध्यम से समर्पण, सेवा और समानता का संदेश।

🌟 संकल्प:

बाल संस्कार कार्यक्रम का संकल्प है –

👉 ऐसे संस्कारी नागरिक तैयार करना, जो अपने जीवन में गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को आत्मसात कर समाज में प्यार, शांति और समानता का संदेश फैलाएँ।

📖 सारांश:

बाल संस्कार, श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ (भारत) का वह प्रयास है, जो बच्चों के जीवन में ज्ञान, भक्ति और संस्कारों का दीपक प्रज्वलित कर एक सशक्त, संस्कारी और मूल्यनिष्ठ समाज की नींव रखता है।

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